चुप क्यों हो, मै यहाँ तुमसे बात करने आती हु।
कभी मौन रह कर भी बाते किया करो
ओह्ह प्लीज़ तुम और तुम्हारी पोएट्री , इतना प्यार करोगे पोएट्री से तो मेरी जरुरत नही रहेगी
मै जरुरत के लिए थोरे ही प्यार किया तुमसे
तो फिर किसलिए किया
क्यों इन सवालो में वक़्त जाया करती हो प्यार को प्यार ही रहने दो , इसे वकील और मुवक्किल की बहश क्यों बनाती हो
तुम मुझसे प्यार करते हो या अपनी पोएट्री से,आखिरी सवाल करती हुँ ।
पोएट्री से , क्योकि मेरी पोएट्री में तुम ही तो होती हो ।
बाते बनाना कोई तुमसे सीखे,
और प्यार का चीड़ फाड़ कोई तुमसे ।
कभी मौन रह कर भी बाते किया करो
ओह्ह प्लीज़ तुम और तुम्हारी पोएट्री , इतना प्यार करोगे पोएट्री से तो मेरी जरुरत नही रहेगी
मै जरुरत के लिए थोरे ही प्यार किया तुमसे
तो फिर किसलिए किया
क्यों इन सवालो में वक़्त जाया करती हो प्यार को प्यार ही रहने दो , इसे वकील और मुवक्किल की बहश क्यों बनाती हो
तुम मुझसे प्यार करते हो या अपनी पोएट्री से,आखिरी सवाल करती हुँ ।
पोएट्री से , क्योकि मेरी पोएट्री में तुम ही तो होती हो ।
बाते बनाना कोई तुमसे सीखे,
और प्यार का चीड़ फाड़ कोई तुमसे ।

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