चलो पल भर दे दो साथ मेरा
चलो दो पल ही थामो हाथ मेरा
कल तक अजनबी थे
कल भी अजनबी हो जाओगे
कल तक तस्वीरों में थे
कल यादो में बस जाओगे
अनजान थे जिन रहो से
गुजर कर देखो कभी
पुराने वीरान जिंदगी में
उभरे प्रेम के उस मोड़ पर मुझे पाओगे
पूनम की चांदनी में आज तुम आये हो
मेरे सूखे होठो पर जो प्यास जगाये हो
सर्द सुबह में जो ओस के बूंद लाये हो
सदियों से दूर ,
आज जो करीब आये हो
चलो पल भर दे दो साथ मेरा
चलो दो पल ही थामो हाथ मेरा
-गौरव
चलो दो पल ही थामो हाथ मेरा
कल तक अजनबी थे
कल भी अजनबी हो जाओगे
कल तक तस्वीरों में थे
कल यादो में बस जाओगे
अनजान थे जिन रहो से
गुजर कर देखो कभी
पुराने वीरान जिंदगी में
उभरे प्रेम के उस मोड़ पर मुझे पाओगे
पूनम की चांदनी में आज तुम आये हो
मेरे सूखे होठो पर जो प्यास जगाये हो
सर्द सुबह में जो ओस के बूंद लाये हो
सदियों से दूर ,
आज जो करीब आये हो
चलो पल भर दे दो साथ मेरा
चलो दो पल ही थामो हाथ मेरा
-गौरव

No comments:
Post a Comment